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Definitional Dictionary of Zoology (English-Hindi) (CSTT)

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Blood

रुधिर, रक्त
प्राणियों की वाहिकाओं और कोटरों में बहने वाला तरल संयोजी ऊतक, जो पोषण पदार्थ, ऑक्सीजन, हॉरमोन आदि पदार्थों को शरीर के विभिन्न अंगों में तथा वर्ज्य पदार्थों को उत्सर्गी अंगों तक पहुँचाता है। इसके तरल भाग यानी प्लाज्मा में वर्णकयुक्त या वर्णकहीन अथवा दोनों प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं। कशेरुकियों का रुधिर हीमोग्लोबिन नामक श्वसन-वर्णक के कारण लाल होता है किंतु क्रस्टेशिया, सेफ़ैलोपॉड आदि प्राणियों में हीमोसाएनिन नामक वर्णक के कारण रुधिर का रंग नीला होता है।

Blood corpuscle

रुधिर-कणिका
रुधिर के तरल भाग यानी प्लाज्मा में पाई जाने वाली कोशिकाएँ; जैसे, रक्ताणु (एरिथ्रोसाइट), श्वेताणु (ल्यूकोसाइट) और बिम्बाणु (थ्रोम्बोसाइट)।

Blood gills

रुधिर क्लोम
कुछ कीटों में रक्त से भरी महीन थैलियाँ, जो लवणों को ग्रहण करने का कार्य करती हैं।

Blood group

रुधिर वर्ग
रक्त के चार प्रमुख प्रकारः “ए” (A), “बी’ (B), “एबी” (AB) और ‘ओ’ (O) -जिनका आधार लाल कणिकाओं और प्लाज्मा में क्रमशः एग्लुटिनोजन और एग्लुटिनिन का होना या न होना है। इन दोनों पदार्थों की प्रतिक्रिया के कारण ही असंगत रुधिर-वर्गों के रुधिर के आपस में मिलने पर समूहन (एग्लूटिनेशन) की प्रक्रिया शुरु हो जाती है।

Blood plasma

रुधिर-प्लाज्मा
रुधिर-कणिकाओं को छोड़कर रुधिर का शेष तरल भाग। रुधिर-सीरम से यह इस बात में भिन्न है कि इसमें फाइब्रिनोजेन होता है।

Body cavity

देहगुहा, शरीरगुहा
अधिकांश त्रिजनस्तरी (ट्रिप्लोब्लास्टिक) प्राणियों की तरलयुक्त आंतरिक गुहा, जो बाहर से देहभित्ति द्वारा घिरी होती है और जिसमें विभिन्न अंतरंग होते हैं। तु. Coelom (प्रगुहा)।

Body wall

देहभित्ति
बाह्य चर्म का बना शरीर का अध्यावरण जिसमें अधिचर्म, उपचर्म तथा आधार झिल्ली सम्मिलित हैं।

Boll weevil

गोलकघुन, बॉल-विविल
एक छोट घुन जिसके डिंभक (लारवे) कपास के पौधों के गोलकों (डोडे) या बीज-फलियों को खाते हैं और उनको व्यापक क्षति पहुँचाती है। उदाहरण-ऐन्थोनोमस ग्रेन्डिस।

Book gill

पुस्त क्लोम, पुस्त गिल
कुछ जाइफोसूरा – जैसे लिमुलस – और विलुप्त यूरीप्टेरिडों के श्वसन अंग जिनमें बड़ी संख्या में पन्ने-सदृश्य संरचनाएं होती हैं और जिनके बीच जल प्रवाहित होता है।

Bool louse

पुस्त यूका
सोकोप्टेरा गण के अंतर्गत आने वाले कीट, जिनकी 12-50 खंडों वाली लंबी तंतुरुप श्रृंगिकाएं होती हैं। इन कीटों में पंख नहीं होते तथा सामान्यतया ये किताबों और कागजों के ढेर में पाए जाते हैं और पुस्तकों की जिल्द के लेप (पेस्ट) पर अशन करते हैं।

Book-lung(lung book)

पुस्त-फुप्फुस
ऐरेकनिडा वर्ग के बिच्छू, मकड़ी आदि प्राणियों का थैली-जैसा श्वसन अंग, जिसमें किताब के पन्नों की तरह व्यवस्थित, रक्त से भरे खोखले वलन होते हैं और इसी में गैस-विनिमय होता है।

Borer

वेधक
चर्वण भाग से युक्त मुख वाले कीट जो तनों, कंदों तथा फलों आदि में छेद करते हैं। उदाहरण-धान्य, ज्वार की प्ररोह मक्खी, आदि।

Bothrium

चूषकखांच
कुछ फीताकृमियों की मूर्धा (scolex) में चूषण संबंधी खांच।

Bowman’s capsule

बोमन संपुट
कशेरुकियों के वृक्क-नलिका का प्रारंभिक दोहरी भित्ति वाला फूला हुआ प्याले-जैसा भाग। प्रत्येक संपुट में एक कुंडलित केशिकागुच्छ (glomerulus) होता है। ये दोनों मिलकर मैलपीगी काय बनाते हैं। दे. Malpighian body (मैलपीगी काय)।

Brachiation

बाहुगमन
भुजाओं की सहायता से एक स्थान से दूसरे स्थान पर झूलते हुए चलना; जैसे गिब्बन द्वारा।

Brachypterous

लघुपंखी
छोटे अग्रपक्ष वाले कीट। कुछ ऋजुपंखी (arthopteran) जातियों के नर और मादा दोनों ही में सामान्य और छोटे पंख होते हैं जबकि अन्य कीट जातियों की केवल मादाएं ही छोटे पंख वाली होती हैं। यह झींगुरों, विशेषतः छछुंद झिंगुरों, का विभेदक लक्षण (diagnostic character) है।

Brain

मस्तिष्क
प्राणियों में केंद्रीय तंत्रिका-तंत्र का प्रमुख भाग, जो सिर के क्षेत्र में संवेदी अंगों के एकत्र हो जाने से संकेंद्रित हो जाता है। यह शरीर की प्रतिक्रियाओं का विभिन्न प्रकार से समन्वय करता है।

Branchiocranium

क्लोम-कपाल
मछलियों की करोटि के दो प्रमुख भागों में से एक, जिसमें चिबुक, कंटिका क्षेत्र तथा क्लोम-चाप होते हैं।

Branchiomere

क्लोमखंड क्लोम (गिल) का भाग,विशेषतया वायुश्वासी कशेरुकियों के भ्रूण ग्रसनी-चापो तथा विदारों द्वारा प्रदर्शित विखंड ।

Branchiostegal ray

क्लोमावरक अर
कंठिका चाप के अस्थिल प्रवर्ध, जो अधिकांश मछलियों में क्लोम कक्ष की झिल्लियों का कंकाल बनाते हैं।

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