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Definitional Dictionary of Philosophy (English-Hindi) (CSTT)

Commission for Scientific and Technical Terminology (CSTT)

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Catechesis

दीक्षा पूर्वोपदेश
ईसाई धर्म के अनुसार बपतिस्मा से पूर्व दिए जाने वाले धार्मिक उपदेश।

Catechetiacal Method

प्रश्नोत्तर-विधि
सुकरात (साक्रेटीज) द्वारा प्रतिपादित दार्शनिक विधि जिससे जिज्ञासु को प्रश्नोत्तर के माध्यम से तत्व के निष्कर्ष तक पहुँचाया जाता है।

Catechetic

परिप्रश्नोपदेश
मौखिक रूप से, विशेषतः बच्चों को, प्रश्नोत्तर द्वारा दिया जाने वाला धार्मिक उपदेश।

Catechumen

दीक्षार्थी
ईसाई धर्म में बपतिस्मा से पूर्व धर्म सिद्धांतों की शिक्षा देने वाला।

Categorematic Word

पदयोग्य शब्द
वह शब्द जो बिना किसी अन्य शब्द की सहायता के, स्वतन्त्र रूप में, एक पद के रूप में प्रयुक्त हो सकता है अर्थात् (पारंपरिक तर्कशास्त्र के अनुसार) किसी प्रतिज्ञप्ति का उद्देश्य या विधेय बन सकता है।

Categorical Imperative

निरपेक्ष आदेश, निरपेक्ष नियोग
कांट के नीतिशास्त्र में, नैतिक बुद्धि का वह सर्वोच्च आदेश कि उस सिद्धांत के अनुसार कर्म करो जिसे सार्वभौम बनाया जा सकता हो। यह निरपेक्ष इसलिए है कि यह किसी भी उपाधि पर निर्भर नहीं है।

Categorical Judgement

निरूपाधिक निर्णय
वह निर्णय जिसमें कोई उपाधि या शर्त शामिल न हो।

Categorical Knowledge

निरूपाधिक ज्ञान
वह ज्ञान जो किसी दूसरे ज्ञान की अपेक्षा के बिना होता है।

Categorical Proposition

निरूपाधिक प्रतिज्ञप्ति
वह प्रतिज्ञप्ति जो बिना किसी उपाधि के किसी तथ्य का विधान अथवा निषेध करें, जैसे : ‘सभी मनुष्य मर्त्य हैं’ या ‘कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं है।’

Categorical Syllogism

निरूपाधिक न्यायवाक्य
निरपेक्ष न्यायवाक्य वह न्यायवाक्य होता है जिसकी तीनों प्रतिज्ञप्तियाँ निरूपाधिक हों।

Category

पदार्थ
1. अरस्तू के दर्शन में, विधेय के दस प्रकारों में से एक; सत्ता के सबसे आधारभूत रूपों में से एक। ये दस हैं – द्रव्य, परिमाण, गुण, संबंध, स्थान, काल, स्थिति, अवस्था, क्रिया तथा क्रियाफलभागिता।
2. कांट के दर्शन में, प्रतिपत्ति (undestanding) के बारह प्रागनुभविक आकारों (a proori forms) में से एक, जो ये हैं – ‘एकता, अनेकता, साकल्प (‘परिमाण’ के अन्तर्गत); सत्ता, निषेध, परिच्छिन्नत्व (‘गुण’ के अंतर्गत); द्रव्य-गुण, कारण कार्य, पारस्परिकता (‘संबंध’ के अंतर्गत); संभवता-असंभवता, अस्तित्व-अनस्तित्व, अनिवार्यता-आपातिकता ‘(निश्चयमात्र’ के अंतर्गत)

Category Mistake

कोटि-दोष, कोटि-त्रुटि
गिलबर्ट राईल के अनुसार एक श्रेणी या कोटि के शब्द को किसी दूसरी कोटि में समझ बैठने की गलती।

Catharsis

विरेचन
इस शब्द का प्रयोग यूनानी दर्शन में अरस्तू ने प्राथमिक चिकित्सा, धार्मिक शुद्धिकरण आदि के संदर्भ में किया है। इसका अर्थ शारीरिक तथा मानसिक शुद्धिकरण की क्रिया है।

Causa Ficta

कल्पित कारण
वह कारण जिसकी कल्पना कर ली गई हो।

Causal Body

कारण-शरीर
वेदान्त दर्शन में, स्थूल शरीर का मूल, अविद्या से निर्मित शरीर, जो मोक्ष पर्यन्त जीव के साथ बना रहता है।

Causal Coincidence

आकस्मिक संपात, कारण संपात
कोई कारणमूलक संबंध होने से दो घटनाओं का साथ घटना।

Causal Condition

कारण-उपाधि
वह उपाधि जो किसी कार्य को उत्पन्न करने के लिए आवश्यक होती है। यह उपाधि कारण का एक घटक होती है।

Causal Determinism

कारण नियतत्ववाद
वह मत कि प्रत्येक घटना अपने कारण से निर्धारित होती है।

Causal Implication

कारणात्मक आपादन
वह हेतुफलात्मक प्रतिज्ञप्ति जिसमें हेतु वाक्य कारण का सूचक होता है और फलवाक्य कार्य का सूचक होता है, जैसे, “यदि गर्मी तेज़ पड़ती है, तो वर्षा भी अच्छी होती है”।

Causality

कारणता, कार्यकारण-भाव
कार्य-कारण का संबंध, अर्थात् दो घटनाओं का इस प्रकार का अनिवार्य संबंध कि एक के होने पर दूसरी हो और उसके न होने पर वह न हो।

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