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Definitional Dictionary of Philosophy (English-Hindi) (CSTT)

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Causal Theory Of Perception

प्रत्यक्ष का कारण-सिद्धांत
वह सिद्धांत कि प्रत्यक्ष ज्ञान बाह्य वस्तु का कार्य होता है।

Causal Theory Of Rightness

औचित्य का कारण सिद्धान्त
“समकालिन अन्तःप्रज्ञावादी डब्ल्यू. डी. रास (1877-1940) के अनुसार वह नैतिक सिद्धान्त जो ‘औचित्य’ को अविश्लेष्य तथा मूल नैतिक प्रत्यय मानता है। फलतः कर्मों का ‘औचित्य’ अनुभवजन्य परिणामों से सर्वथा स्वतन्त्र अपना स्वतः साध्यमूल्य रखता है जिसका हमें अपनी अन्तः प्रज्ञा के द्वारा साक्षात् ज्ञान होता है।”

Causa Sui

स्वयंभू
वह जो स्वयं अपना कारण हो, ईश्वर के लिए प्रयुक्त एक शब्द।

Causation

कार्यकारण-भाव
दो घटनाओं के मध्य कारण-कार्य संबंध।

Cause

कारण
वह घटना जो किसी अन्य घटना (कार्य) की नियत पूर्ववर्ती हो और उसकी उत्पत्ति के लिए अनिवार्य हो।

Celarent

सेलॉरेण्ट
न्याय-वाक्य की वह प्रथम आकृति जिसका साध्य-आधारवाक्य सर्वव्यापी निषेधक (E), पक्ष-आधारवाक्य सर्वव्यापी विधायक (A) तथा निष्कर्ष सर्वव्यापी निषेधक (E) होता है।
उदाहरण : कोई भी मनुष्य पूर्ण नहीं है; – E
सभी कवि मनुष्य हैं; – A
∴ कोई भी कवि पूर्ण नहीं है। – E

Celibacy

ब्रह्मचर्य
चार्वाक को छोड़कर नास्तिक, आस्तिक सभी भारतीय दर्शन में इन्द्रिय निग्रह के लिए ब्रह्मचर्य का पालन आवश्यक माना जाता है।

Central Event Theory

केन्द्रीय घटना सिद्धांत
सूर्य-मंडल से विश्व की शेष सौर्य-मंडल की उत्पत्ति का अनुमान करना।

Centre Theory

केन्द्र-सिद्धांत
ब्रॉड (Broad) के अनुसार, वह सिद्धांत जो मानसिक एकता को किसी एक केंद्र की क्रिया का परिणाम मानता है।

Cerebralism

मस्तिष्क चैतन्यवाद
वह जड़वादी सिद्धांत कि चेतना मस्तिष्क का एक कार्य है, अर्थात् उससे उत्पन्न है।

Ceremonialism

कर्मकांडवाद, कर्मकांडपरता
कर्मकांड के द्वारा आध्यात्मिक लक्ष्य की प्राप्ति में विश्वास, कर्मकांड में अत्यधिक निष्ठा।

Cesare

सिजारे
न्याय-वाक्य की वह द्वितीय आकृति जिसका साध्य-आधारवाक्य निषेधक (E), पक्ष-आकारवाक्य सर्वव्यापी विधायक (A) और निष्कर्ष सर्वव्यापी निषेधक (E) होता है।
उदाहरण : कोई भी गाय पक्षी नहीं है; – E
सभी कौवे पक्षी हैं; – A
∴ कोई भी कौवा गाय नहीं है। – E

Chain Argument

श्रृंखला-युक्ति
युक्तियों की एक श्रृंखला जिसमें पूर्ववर्ती युक्ति का निष्कर्ष अनुवर्ती युक्ति में एक आधारवाक्य बन जाता है।

Chain Implication

श्रृंखला-आपादन
हेतुफलात्मक प्रतिज्ञप्तियों की ऐसी श्रृंखला जिसमें पहली का फल अगली में हेतु बन जाता है और इस प्रकार अंत में एक निष्कर्ष प्राप्त हो जाता है।
जैसे : यदि क तो ख ; A כ B
यदि ख तो ग; B כ C
यदि ग तो घ; C כ D
∴ यदि क तो घ ∴ A כ D

Chance

संयोग, काकतालीय, यदृच्छा
वह अप्रत्याशित घटना जिसका पूर्ववर्ती घटनाओं से कारणात्मक संबंध ज्ञात न हो।

Chance Coincidence

यदृच्छा-संपात
उन दो घटनाओं का जिनमें कारण-कार्य का संबंध न हो, अप्रत्याशित रूप से परस्पर एक साथ घटित हो जाना।

Chance Variation

यदृच्छा-विभेद, सांयोगिक परिवर्तन
विकास-सिद्धांत के अनुसार, जीव-जातियों की विशेषताओं में संयोगवश होने वाला परिवर्तन जो कि समायोजन में उपयोगी सिद्ध होने पर स्थायी बन सकता है। यह डार्विन का मत है।

Character

चरित्र
आदतों के संघात को चरित्र कहा जाता है।

Character Complex

लक्षण-ग्रंथि
अमरीकी समीक्षात्मक यथार्थवादियों द्वारा इंद्रिय-प्रदत्त (sense data) के लिए प्रयुक्त शब्द।

Characteristica Universalis

सार्वलोकिक भाषा
लाइब्नित्ज़ (Leibnitz) द्वारा ज्ञान को सूत्रबद्ध करने के लिए एक ‘सर्वव्यापी भाषा’ के निर्माण से संबंधित योजना को दिया गया नाम, जिसमें ऐसे प्रतीक या चिह्न होते हैं जो सरल तथा सरल तथा जटिल प्रत्ययों को व्यक्त करके समस्त ज्ञान को सबके लिए बोधगम्य बना देते हैं।

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